मोनालिसा    
          
                                                               कलाकार - लियोनार्दो दा विंची
         रचनाकाल  – 1503-1506    







लियोनार्दो दा विंची की जगतप्रसिद्ध कृति मोनालिसा की भौहे और पलकें गायब हैं| ऐसा क्यों है, इस पर वर्षो से कई लोगो ने विभिन्न मत जाहिर किये हैं | कुछ की मानना है की चित्र की मरम्मत के दौरान वे गायब हुइ | कुछ कहते है की लियोनार्दो में उत्कृष्टता के प्रति उन्माद था, इसलिए वे कभी पूरा नही कर पाए | ये भी मन गया है की चित्र जिस कल का है की जिस काल का है, उस समय महिलायों द्वारा अपनी भौहे और पलके हटवाना सामान्य बात थी |

                           ये एक मात्र ऐसी चित्र है जिसे देखने पर हर प्रकार के प्रतिक्रियाओं एवं अनुभवों को महशुश किया जा सकता है | अगर हम अपने मन में ख़ुशी की कल्पना करके देखे तो यह तस्वीर भी हँसता हुआ और खुशहाल नजर आएगी | अगर हम इसके ठीक विपरीत इस तस्वीर को गम और उदासी की भावना से देखे तो यह तस्वीर भी आपको उसी प्रकार नजर आएगी जिस प्रकार आप अपने मन भावना प्रकट कियें हों |

यह तस्वीर अपनी उत्कृष्टता को लेकर इतने मशहूर है की आज भी इसकी तस्वीर कहीं लगाई जाती है, तो वह चोरी हो जाती है! लेकिन इसकी मुख्य तस्वीर फ़्रांस के संग्रहालय में रखा गया है जो की 21 इंच लंबा और 30 इंच चौरा है | इसे खास किस्म की शीशे में रखा गया है जो न तो चमकता है और न ही टूटता है |

आशा है इसे पढ़ने के बाद आपको और किसी वेबसाइट या व्लौग पे जाने की जरुरत नही पड़ेगी – दीपक यदुवंशी